कविता संग्रह

अमावस की काली रातों में

मावस की काली रातों में दिल का दरवाजा खुलता है,जब दर्द की काली रातों में गम आंसू के संग घुलता…

बुलाती है मगर जाने का नईं

बुलाती है मगर जाने का नईंये दुनिया है इधर जाने का नईं मेरे बेटे किसी से इश्क़ करमगर हद से…

कोई दीवाना कहता है

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है !मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !!मैं तुझसे दूर कैसा हूँ…