Author: डॉ. कुमार विश्वास

अमावस की काली रातों में

मावस की काली रातों में दिल का दरवाजा खुलता है,जब दर्द की काली रातों में गम आंसू के संग घुलता…

कोई दीवाना कहता है

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है !मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !!मैं तुझसे दूर कैसा हूँ…